सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Hera Pheri 3: "हेरा फेरी 3" से बाहर होने पर अभिनेता परेश रावल ने मेकर्श के साथ अनबन की अपवाहों पर लगाया विराम


शैलेश कुमार:

"हेरा फेरी" एक ऐसी फिल्म जिसके चाहने वालों की कमी नहीं. "हेरा फेरी" का चाहे पहला पार्ट हो या दूसरा, दर्शकों ने इस फिल्म और इस फिल्म की तिकड़ी (सुनील शेट्टी, अक्षय कुमार और परेश रावल) को खूब प्यार दिया है. फिल्म की काॅमेड़ी आज भी लोगों की जुबां पर रहती हैं. हेरा फेरा का पहला पार्ट 31 मार्च 2000 को रिलीज किया गया था वहीं इस फिल्म का दूसरा भाग 9 जून 2006 को सिनेमा घरों में रिलीज किया गया. फिल्म का नाम भले ही पुराना हो लेकिन आक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी के अभिनय ने एक बार फिर से दर्शकों के दिलों पर राज करते दिखे. यही वजह था, कि 18 करोड़ की बजट वाली फिल्म में बाॅक्स ऑफिस पर मानों कहर ढा दिया हो. फिल्म ने 2006 में 69.12 करोड़ की कमाई करने में कामयाब रही. 

"हेरा फेरी" की लोपप्रियता को देखते हुए फिल्म मेकर्स ने "हेरा फेरी" के तीसरे संस्करण की घोषणा भी कर दी. खबरों के मुकाबिक फिल्म में सभी चर्चित चेहरों को फिर से एक मंच पर लाने की कोशिश की गई है. फिल्म में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी को मुख्य भूमिका में देखा जा सकता है. आंकलन यह भी लगाया जा रहा था कि परेश रावल इस फिल्म में बाबूराव की किरदार में नजर आ सकते हैं, लेकिन खबरों के मुताबिक यह बातें चलने लगी कि परेश रावल के मेकर्श के साथ अनबन की बजह से इस फिल्म का हिस्सा नही हैं. हां यह तो सत्य है कि अब परेश राबल "हेरा फेरी 3" में नहीं नजर आने वाले हैं, लेकिन मेकर्श के साथ आपसी कलह पर परेश रावल ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट साझा कर के सभी अंटकलों पर विराम लगा दिया है. 

परेश रावल ने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा "मैं यह बात रिकॉर्ड में दर्ज करना चाहता हूँ, कि "हेरा फेरी 3" से अलग होने का मेरा फैसला रचनात्मक मतभेदों के कारण नहीं था. मैं फिर से दोहराता हूँ कि फिल्म निर्माता के साथ कोई रचनात्मक मतभेद नहीं है. मैं फिल्म निर्देशक श्री प्रियदर्शन के प्रति अपार प्रेम, सम्मान और आस्था रखता हूँ"
 
फिल्म "हेरा फेरी 3" की कुछ मुख्य बातें:- 

"हेरा फेरी 3" के रिलीज की तारीख अभी तक निश्चित नहीं है. फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन ने कहा है कि शूटिंग दिसंबर 2025 में शुरू हो सकती है, लेकिन फिल्म 2026 की पहली छमाही में रिलीज हो सकती है. हालांकि, कुछ रिपोर्टों में 2026 के मध्य तक फिल्म का उत्पादन पूरा होने और 2027 में रिलीज होने की संभावना व्यक्त की गई है. 

फिल्म "हेरा फेरी 3" के मुख्य किरदार:

फिल्म में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी को मुख्य भूमिका में देखा जा सकता है. अब देखने की बात यह होगी कि परेश रावल की जगह कौन ले सकता है.

निर्देशक:

प्रियदर्शन फिल्म को निर्देशित कर रहे हैं. 







 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

WPL 2025: महिला प्रीमियर लीग के तीसरे संस्करण का आगाज आज, आइए जानते हैं कब और कहां देख पाएंगे सारे मुकाबले

महिला प्रीमियर लीग के तीसरे संस्करण का आगाज आज यानी 14 फरवरी 2025 को हो रहा है. इस महा मुकाबले का आगाज हमेसा की तरह रंगारंग समारोह के साथ किया जाएगा. इस लीग में कुल पांच टीमें भाग लेती हैं. पहली बार इसका आयोजन भारत के चार शहरों (लखनऊ, बड़ौदा, बैंगलूरू और मुंबई)  में किया जा रहा है.  इस मुकाबले में प्रतेक टीम एक दूसरे के खिलाफ 2-2 मुकाबले खेलेंगी. इस तरह से पूरे टूर्नामेंट में कुल 22 मुकाबले खेले जाने है. 14 फरवरी से लेकर 11 मार्च तक कुल 20 मुकाबले खेले जाएंगे वहीं दो मुकाबले फाईनस और फाईनल के हैं. इस सीजन में कोई भी मुकाबला डबल हेडर नहीं खेला जाएगा यानी सभी मुकाबले एक-एक ही दिन खेले जाएंगे. बता दें कि इस साजन का पहला मुकाबला गुजरात जायंट्स और राॅयल चैलेंजर्स के बीच शाम के 7:30 खेला जाएगा, वहीं सीजन का रंगारंग आगाज 6:30 से शुरु होगा. WPL 2025 की स्ट्रीमिंग स्पोर्ट्स 18 के पास है. आप जियोहाॅटस्टार एप और स्पोर्ट्स 18 टीवी चैनल पर मैंच की लुत्फ उठा सकते हैं.  गुजरात जायंट्स महिला टीम: बेथ मूनी (विकेटकीपर), एशले गार्डनर (कप्तान), लौरा वोल्वार्ड्ट, हरलीन देयोल, डींड्रा डोट...

पाकिस्तान के विश्व विख्यात महाकवी और सायर "फ़ैज़ अहमद फ़ैज़", जिनके इंक़लाबी और रूमानी रचनाओं की कायल है दुनिया

भारत उपमहाद्वीप के एक विख्यात पंजाबी शायर थे. जिन्हें अपनी क्रांतिकारी रचनाओं में रसक भाव यानी इंकलाबी और रूमानी मेल की वजह से जाना जाता है. सेना , जल तथा निर्वासन में जीवन व्यतीत करने वाले फौज ने कई नज्म और गजलें लिखी था तथा उर्दू शायरी में आधुनिक प्रगतिवादी दौर की रचनाओं के लिए जाने जाते थे. उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए भी मनोनीत किया गया था. फैज पर कई बार कम्यूनिस्ट होने और इस्लाम से इतर रहने के आरोप लगे थे पर उनके रतनाओं में गैर-इस्लामी रंग नहीं मिलते. जेल के दौरान लिखी उनकी कविता "जिन्दान-नामा" को बहुत पसंद किया गाया था. उनके द्वारा लिखी गई कुछ पंग्तियां अब भारत- पाकिस्तान की आम भाषा का हिस्सा बन चुकी है.  उनका जन्म 13 फ़रवरी 1911 को लाहौर के पास सियालकोट शहर, पाकिस्तान तत्कालीन भारत में हुआ था. उनके पिता सियालकोट में एक भूमिहीन किसान थे जो अफ़गान राजा के अंग्रेज़ी अनुवादक के तौर पर 19 साल अफ़गानिस्तान में रहे. बाद में लौटकर बैरिस्टर बने और उनका परिवार एक रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार था. उनकी आरंभिक शिक्षा उर्दू, अरबी तथा फ़ारसी में हुई जिसमें क़ुरआन को कंठस्थ करना भी शामिल ...