सोशल मीडिया पर अश्लीलता फैलाना लोगों के लिए बड़ी आम बात हो गई थी. AI इस अश्लीलता का एक बड़ा माध्यम बनता जा रहा था. इसी बीच भारत सरकार को एक बड़ी कामयाबी मिली है. सरकार के निर्देश के बाद X ने सरकार की बात को मान लिया है. अश्लीलता और आपत्तीजनक तस्वीर के प्रति सरकार ने X को प्रति बड़ा ऐक्शन लिया था. सरकार की सख्ती के बाद एलन मस्क का कंपनी को झुकना पड़ गया. X ने भारत में 3500 अश्लील पोस्ट को ब्लाॅक कर दिया और 600 से अधिक अकाउंट को डिलीट कर दिया है. एक्स के ग्रोक AI से आपत्तीजनक तस्वीर बनाने के लिए एक्शन लिया गया था. जानें क्या है पूरा मामला: बता दें कि कुछ दिन पहले भारत के इलेक्ट्राॅनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X को एक नोटिस जारी किया था. इस नोटिस में ग्रोक और X AI जैसी सर्विस के गलत इस्तेमाल से बनाई जा रही अश्लील, नग्न और आपत्तिजनक सामग्री पर कड़ी आपत्ति जताई गई थी. भारत सरकार ने कंपनी को 72 घंटे के अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट देने का अल्टीमेटम दिया था. सरकार ने चेतावनी दिया था, कि...
उन्नाव रेप केश: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, अब जेल में ही रहेगा कुलदीप सेंगर
वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुए रेप केश के आरोपी कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद देश की सर्वेच्च न्यायालय ने झटका दिया है. सीजेआई सूर्यकांत की तीन जजों की बैंच ने हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए कुलदीप सैंगर को जेल में ही रहने का आदेश दिया है. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन कुलदीप सिंह सेंगर के आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर से उसे जमानत देने का आदेश जारी कर दिया था. सीजेआई का मानना है कि अगर पोक्सो के तहत एक काॅस्टेबल लोक सेवक हो सकता है तो विघायक को क्यों बाहर रखा गया है. यह चिंता का विषय है. दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले से एक तरफ खुशी का माहौंल था तो दूसरी तरफ यह फैसला कानून के खिलाफ बाताया जा रहा था. यह मुद्दा तूल पकड़ते ही जा रहा था. सीबीआई ने हाई कोर्ट के इस फैसले को कानून के लिए गलत और समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका फाईल की थी. सीबीआई ने अपने याचिका में कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को सस्पेंड कर के पोक्शो ऐक्ट के लक्ष्य को ही नजरअंदाज तर दिया है. एजे...