संविधान निर्माता Br Ambedkar हो या फिर मुख्य न्यायाधीश Br Gavai! जातिगत विरोध कल भी और आज भी, आखिर क्यों दलितों को अपने से ऊपर नहीं देखना चाहता श्रवण समाज ?
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई जी के उपर सुनवाई के दौरान वकील राकेश किशोर ने जूता फेका, सुरक्षा कर्मियों को बचाव के बाद जूता मुख्य न्यायाधीश तक तो नही पहुंचा लेकिन वकील राकेश किशोर ने आखिर अपना कार्य कर ही दिया है. मुख्य न्यायाधीश की तरफ जूता फेकते हुए आरोपी वकील राकेश किशोर ने कहा "सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान" इस घटना के बाद वकील राकेश किशोर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कोई शिकायत दर्ज न कराने पर आरोपी वकील राकेश किशोर को महज तीन घंटे में ही छोड दिया गया. क्या था मामला: कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेस के खजुराहो में भगवान विष्णु की 7 फुट उंची सिर कटी मूर्ति का पुनस्थापन करने को लेकर एक याचिका दायर की गई थी. सीजेआई ने इस मामले को पूरी तरह से खारिज कर दिया था, कहा कि "जाओ और भगवान से ही कुछ करने के लिए कहो. तुम कहते हो कि भरवान विष्णु के कट्टर भक्त हो, तो जाओ और प्रर्थना करो. यह पुरातात्विक स्थान है और एएसआई को अनुमति आदि देने की आवश्यकता है. क्षमा करें" इतिहास में ऐसा पहली बार है जब किस...