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Asrani Death: हिंदी फिल्मों में अपनी कमाल की अदाकारी और काॅमेंड़ी से जान भर देने वाला चिराग बुझ गया, असरनी के निधन पर पीएम मोदी ने जताया दु:ख

Bollywood के बेहतरीन काॅमेडियन और फिल्म अभिनेता असरनी का 84 साल की उम्र में निधन हो गया है. असरनी के निधन पर सिमेमा जागत से सेकर राजनीतिक गलियारों तक दु:ख का माहौल देखा जा रहा है. असरनी के निधन पर देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए शोक जाता या है. असरानी ने अपने 84 वर्ष की उम्र में 350 से अधिक फिल्मों में काम किया है. 

गोवर्धन असरानी का जन्म 01 जनवरी 1941 में राजस्थान में हुआ था. जिन्हें पेशेवर रूप से असरानी के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय अभिनेता और निर्देशक थे. बॉलीवुड में उनका करियर पाँच दशकों से भी ज़्यादा समय तक चला, इस दौरान उन्होंने 350 से ज़्यादा हिंदी और गुजराती फ़िल्मों में काम किया. असरानी ने मुख्य भूमिकाएँ, चरित्र भूमिकाएँ, हास्य भूमिकाएँ और सहायक भूमिकाएँ निभाईं. उन्हें विशेष रूप से शोले और अमदावाद नो रिक्शावारो में जेलर की भूमिका और 1972 से 1991 के बीच राजेश खन्ना के साथ मुख्य अभिनेता के रूप में 25 फ़िल्मों में उनके अभिनय के लिए जाना जाता है. 

हिंदी सिनेमा में, उन्होंने 1966 से 2014 तक कई हास्य भूमिकाएँ निभाईं और 1972 से 1995 के बीच फिल्मों में अक्सर मुख्य अभिनेता के करीबी दोस्त की भूमिकाएँ निभाईं. उन्होंने ऋषिकेश मुखर्जी और प्रियदर्शन द्वारा निर्देशित कई फिल्मों में अभिनय किया. "चला मुरारी हीरो बनने" और "सलाम मेमसाब" जैसी कुछ हिंदी फिल्मों में उन्होंने मुख्य भूमिकाएँ निभाईं.  गुजराती फिल्मों में, उन्होंने 1972 से 1984 तक मुख्य भूमिकाएँ निभाईं और 1985 से 2012 तक चरित्र भूमिकाएँ निभाईं. उन्होंने 1974 से 1997 के बीच छह फिल्मों का निर्देशन किया. असरानी का लंबी बीमारी के बाद 20 अक्टूबर 2025 को 84 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया, उन्हें सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 







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