ICC Women's World Cup 2025: 52 साल का सूखा हुआ खत्म, 52 रन से जीती भारत की महिला टीम, हरमन के लड़ाकों ने हर मन पर किया राज
वो चाहे सेना का पराक्रम हो या फिर क्रिकेट भारत की बेटियों के पराक्रम का लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है. ऑपरेशन सिंदूर में चाहे कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह या फिर रफाल उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला पायलट शिवांगी सिंह और अब भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीत कर एक बार फिर पूरे भारत वाशियों को गौरवांग्वित करने का मौंका दिया है. हरमन के की इन लड़कियों ने आज सही में हर मन पर अपना नाम लिख दिया है. शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, दीप्ती शर्मा, हरमनप्रीत कौर, जेमिमाह रॉड्रिक्स, प्रतिका रावल, अमन जोत कौर, ऋचा घोष या फिर श्री चरणी, क्राती गौर, श्नेह राणा और रेणुका सिंह जैसी खिलाड़ियों ने आज भारत दुनिया भर के लोगों का मुह बंद कर दिया है. अब एक नया युग का आगाज हो गया है जहां पर महिला क्रिकेट में नया शैलाब देखने को मिलेगा. अब हर पिता अपनी बेटियों खुल के खेलने का मौंका देगा. अब हर लड़की क्रिकेट में इन महिला खिलाडियों को अपना आदर्श मानकर खेलेगी और खुद को उनकी तरह ही बनना चाहेगी.
इससे पहले भारत ने दो बार फाईनल मुकाबला खेला है, जिसमें उनको हार का सामना करना पड़ा है. 2005 में भारत को ऑस्ट्रेलिया से मुकी खानी पड़ी थी, वहीं वर्ष 2017 में इंग्लैंड़ ने भारत को नौ रन से मात दे दिया था. 2017 में हरमप्रीत बतौर खिलाड़ी टीम में खेल रही थीं, लिकिन अंतत: अब इन करोड़ो लडकियों का सापना पूरा करने वाली हरमन का हर मन पर दबदबा बन चुका है. इसी जील के साथ भारत ने 52 सालों का सूखा खत्म कर दिया है. भारत ने सेमी फाईनल में विश्व विजेता ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हरा कर फाईनल के लिए तीसरी बार जगह बनाई थी. लेकिन इस बार भारत ने दुनिया फतह कर ही लिया.
14 साल बाद भारत के खेमें में दूसरी बार ODI विश्वकप की ट्राॅफी आई है. 2 अप्रैल 2011 में इस ऐतिहासि गौरव का शाक्षी बना था मुंबई का वानखेडे स्टेडियम और अब एक बार फिर इस ऐतिहासिक पल का गौरव मुंबई ही बना है. नबी मुंबई के डीवाय पाटिल स्टेडियम में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हरा कर 52 साल का सूखा खत्म करने का काम किया. भारत के लिए यह तीसता ODI विश्वकप है, वही महिला ODI विश्वकप के लिए पहला. भारत को ODI फाॅर्मेंट में यह ट्राॅफी जीतने में 14 साल 7 महीने लग गए, खैर अब यह भी सूखा खत्म हुआ.
मैंच का लेखा-जोखा:
महिला विश्वकप के 13वें सीजन के फाईनल मुकाबले पर बारिश के संकट लहरा रहा था. यह फाईनल मुकाबला दो घंटे देरी से खेला गया. 4:15 बजे पर हुए टाॅस के दौरान भारत ने एक बार फिर से टाॅस हार गया. दक्षिण अफ्रीका का कप्तान लाॅरा वोल्वार्ट ने टाॅस जीत कर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. पहले बल्लेबाजी करते हुए शेफाली वर्मा और स्मृति ंमंधाना ने कमाल की शुरुआत दी. शेफाली और स्मृति ने 106 गेंद खेल कर 104 रन का शानदार औपनिंग पारी खेली. महिला क्रिकेट में यह दूसरी बार हुआ है जब किसी ओपनिंग जोड़ी ने फाईनल में इतने बड़ा स्कोर खड़ा किया हो. स्मृति मंधाना ने 58 गेद पर 45 रन की पारी खेली वही शेफाली वर्मा ने 78 गेंद पर 87 रन की कमाल की पारी खेली और दो विकेट भी अपने नाम किए. जेमामा ने बहुत अच्छा तो नही लेकिन सम्मान जनक खेल खेलते हुए 24 रन की पारी खेली. कप्तान कौर इस मुकाबले में कुछ खास नहीं कर सकी उन्होंने मात्र 02 रन बनाए. दिप्ती शर्मा एक बार फिर कमाल दिखाईं उन्होंने 58 गेंद पर 58 रन बनाईं और 05 विकेट अपने नाम कर लिए. ऋचा घोष ने एक बार फिर से कमान का खेला और धोनी की याद दिला दिया. भारत ने अपने 50 ओवर में कुल 298 रन बनाए.
299 रनों का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम ने काफी धीमी शुरुआत की, ताज़मिन ब्रिट्स को अमनजोत कौर ने एक बेहतरीन थ्रो कर पवेलियन वापस भेजने का कान किया. एक तरफ जहां निरंतर समय पर विकेट गिरते जा रहे थे दूसरी तरफ कप्तान लौरा वोल्वार्ट अपाना काम बखूबी करी के कर रही थीं. कप्तान लौरा वोल्वार्ट और ताज़मिन ब्रिट्स के बीच 51 रन की पार्टनरशिप हुई. एनेरी डर्कसेन और कप्तान के बीच सर्वाधिक 61 रन की साझेदारी हुई. लौरा वोल्वार्ट ने अपनी बल्लेबाजी की बदौलत टीम इंडिया और फैंस को चिंता में डाल दिया था. एक समय ऐसा लग रहा था कि अगर एक भी पार्टनरशिप हो जाती है तो वे अकेले ही मैंच को अंजाम तक पहुंचा देंगी, लेकिन 42वां ओवर लेकर आई दिप्ती शर्मा की गेंद पर अमनजोत का तीन चांस में लिया गया कैच पूरे मैंच का पासा पलट दिया. दीप्ती ने फाईनल मुकाबले में पंजा खोला ऐसा करने वाली वे पहली खिलाड़ी बन गई हैं. लौरा वोल्वार्ट ने कमाल की पारी खेलते हुए 98 गेंद पर 101 रन की कमाल की पारी खेली. दक्षिण अफ्रीका की तरफ से कप्तान लौरा वोल्वार्ट ने (101), ताज़मिन ब्रिट्स ने (23), एनेके बॉश ने खाता तक नहीं खोला, सुने लुस (25), मारिज़ैन कप्प (04), सिनालो जाफ्ता (16), एनेरी डर्कसेन (35), क्लो ट्रायोन (9), नादिन डी क्लर्क (18), अयाबोंगा खाका (01) और नॉनकुलुलेको म्लाबा ने बिना रन बनाए नाबाद रही. दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम 45.3 ओवर में मात्र 246 रन पर ही ऑलआऊट हो गई.
मैंच के बाद का इमोशन:
मैच जीतने के बाद टीम ही नही पूरा भारत वर्ष जश्न के माहौल में था. जीत के बाद मैंदान ने रोहित शर्मा और विराट कोहली का भी जैश्चर दिखा. जाहां पर स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर का तिरंगा फोटो शूट एक बड़ा इमोशन था. हरमनप्रीत ने कोच अमोल मजोनदार के पैर छू कर सुक्रिया अदा किया, कप्तान कौर ने ट्राॅफी लेते समय जय शाह के पैर छुए. मैंच जीतने के बाद हरमन और पूरी टीम ने अपने सीनियर खिलाड़ियों को याद किया और झूलन गोश्वामी, मिथाली राज, रीमा मलहोत्रा और अंजुम चोपड़ा के हांथो में ट्राॅफी सौप कर सम्मान दिया. पूरी टीम ने प्रतिका रावल के साथ मस्ती किया. वील चेयर पर रहते हुए उनको स्पेसल फील कराया.
मैंदान में दिग्गजों का तांता:
डी.वाई. पाटिल स्टेडियम नवी मुंबई पूरे दिग्गजों से भरा हुआ नजर आ रहा था. 60,000 छमता वाला मैंदान पूरी तरह से भरा हुआ था, यह पहली बार था जब महिला विश्वकप में इतनी पब्लिक आई हो. मैंच के दौरान भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा, वीवीएस लक्षमण, सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और नीता अंबानी जैसे दिग्गज मौजूद रहे. भारत की भव्य जीत के बाद देश के पीएम नरेंद्र मोंदी ने पूरी टीम को दिल से बधाई देने दिया. पीएम ही नही पूरा भारत की करफ से बधाईयां आ रही हैं.
प्राईज मनी:
इस बार विजेता टीम को 39.55 करोड़ रुपए की प्रीइज मनी मिली. जो टूर्नमेंट इंतिहास में अब तक की सबसे बड़ी राशी है. वहीं बीसीसीआई ने भी भारतीय टीम को 120 करोड़ देने का ऐलान किया है. इससे पहले विजेता टीम को 31.31 करोड़ प्राइज मनी के रूप में मिलते थे. दीप्ती शर्मा ने पूरे टूर्नामेंट में सर्वाधिक 22 विकेट चटकाने के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया, वही शेफाली वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैंच से नवाजा गया.


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